Static GK Universe in Hindi
Static GK Universe
राष्ट्रीय और राज्य, दोनों ही स्तरों पर आयोजित होने वाली प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान (General Knowledge) से संबंधित प्रश्न पूछे जाना एक आम बात है। इसके अलावा, सामान्य ज्ञान का दायरा भी अत्यंत विस्तृत है। विभिन्न विषयों से लिए गए ‘Static GK‘ (स्थिर सामान्य ज्ञान) के प्रश्नों का विश्लेषण करके, हम कई विशिष्ट विषयों पर विस्तृत चर्चा प्रस्तुत करेंगे। इसी क्रम में, वर्तमान में जिस विषय पर चर्चा की जा रही है, वह है—’Static GK Universe‘ (स्थिर सामान्य ज्ञान: ब्रह्मांड)।
स्थिर सामान्य ज्ञान: ब्रह्मांड
1. यूनिवर्स का क्या मतलब है?
A: लाखों गैलेक्सी, अरबों तारे, ग्रह, एस्टेरॉयड, ग्रहों के क्लस्टर, कॉमेट, हेलो और उनके बीच छिपे हुए मैटर, धूल के बादल, गैस, डार्क एनर्जी वगैरह से बनी बहुत बड़ी जगह – जिसके बारे में हम थ्योरी के हिसाब से जानते हैं, लेकिन सीधे तौर पर नहीं देख पाते, उसे यूनिवर्स या यूनिवर्स कहते हैं। हमारे देखे जा सकने वाले यूनिवर्स का डायमीटर लगभग 28 बिलियन पारसेक या 91 बिलियन लाइट ईयर है।
2. यूनिवर्स के एलिमेंट क्या हैं?
A: जब हम यूनिवर्स को देखते हैं, तो हमें कई एलिमेंट का कॉम्बिनेशन दिखता है। इनमें से कुछ एलिमेंट हैं: i) सुपर क्लस्टर ii) गैलेक्सी का क्लस्टर, iii) नेबुला, iv) ब्लैक होल, v) तारा, vi) ग्रह, vii) एस्टेरॉयड, viii) सैटेलाइट, ix) कॉमेट, x) उल्काएं।
3. सुपर क्लस्टर का क्या मतलब है?
जवाब: यूनिवर्स के अब तक जाने-पहचाने और देखे जा सकने वाले स्ट्रक्चरल एलिमेंट्स का सबसे बड़ा रूप सुपर क्लस्टर है [जिसका बंगाली में मतलब ‘महा क्लस्टर’ होता है (यह अनुवाद स्वीकार नहीं किया जाता)]। यह सुपर क्लस्टर कई छोटे और बड़े गैलेक्सी क्लस्टर्स से बना है। सुपर क्लस्टर्स के होने का पता सबसे पहले 1980 के दशक में चला था।
4. सुपर क्लस्टर का फैलाव कितना है?
जवाब: ये सुपरक्लस्टर्स हमारे देखे जा सकने वाले यूनिवर्स के लगभग 5% एरिया को कवर करते हैं। ये 100 मिलियन लाइट ईयर्स से 10 बिलियन लाइट ईयर्स के इलाके में लगभग एक जैसे फैले हुए हैं।
5. सुपरक्लस्टर्स का कॉन्सेप्ट सबसे पहले किसने बताया था?
जवाब: अमेरिकन एकेडमिक जॉर्ज ओग्डेन एबेल ने सबसे पहले अपने 1958 के पेपर “द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ रिच क्लस्टर्स ऑफ़ गैलेक्सीज़. ए कैटलॉग ऑफ़ 2,712 रिच क्लस्टर्स फाउंड ऑन द नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी पालोमर ऑब्जर्वेटरी स्काई सर्वे” (जिसे शॉर्ट में “एबेल कैटलॉग” के नाम से जाना जाता है) में सुपरक्लस्टर्स का कॉन्सेप्ट बताया था। उन्होंने ऐसे कॉस्मिक स्ट्रक्चर को “सेकंड-ऑर्डर क्लस्टर” या “क्लस्टर्स ऑफ़ क्लस्टर्स” कहा।
6. काफ़ी जाने-माने सुपरक्लस्टर कौन से हैं?
जवाब: काफ़ी ज़्यादा चर्चित सुपरक्लस्टर हैं: लैनियाकेआ सुपरक्लस्टर, वर्गो क्लस्टर, हाइड्रा-सेंटॉरस सुपरक्लस्टर, पावो-इंडस सुपरक्लस्टर, सदर्न सुपरक्लस्टर और सरस्वती सुपरक्लस्टर वगैरह।
7. सुपरक्लस्टर की खोज में भारतीय वैज्ञानिकों का पहला माइलस्टोन कौन सा है?
जवाब: जुलाई 2017 में बंगाली एस्ट्रोफिजिसिस्ट प्रोफ़ेसर जॉयदीप बागची और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च की लीडरशिप में एक रिसर्च टीम ने स्लोअन डिजिटल स्काई सर्वे – DR12 के ज़रिए सरस्वती सुपरक्लस्टर नाम के एक बड़े सुपरक्लस्टर की खोज की, जो धरती से 400 बिलियन लाइट-ईयर दूर है और जिसमें 43 गैलेक्सी हैं।
8. यूनिवर्स बनने में सुपरक्लस्टर के बाद अगला सबसे बड़ा एलिमेंट कौन सा है?
A: यूनिवर्स बनने में सुपरक्लस्टर के बाद अगला सबसे बड़ा एलिमेंट है: गैलेक्सी का क्लस्टर। ग्रेविटी के असर में, 100 से 1000 या उससे ज़्यादा गैलेक्सी के कॉम्बिनेशन से एक गैलेक्सी क्लस्टर बनता है।
9. गैलेक्सी क्लस्टर के स्ट्रक्चरल एलिमेंट क्या हैं?
A: एक गैलेक्सी क्लस्टर तीन मुख्य एलिमेंट से बनता है। ये स्ट्रक्चरल एलिमेंट हैं: i) गैलेक्सी, ii) इंट्राक्लस्टर मीडियम में इंटरगैलेक्टिक गैस और iii) डार्क मैटर। इन एलिमेंट में से, 90% डार्क मैटर, 9% इंटरगैलेक्टिक गैस और सिर्फ़ 1% गैलेक्सी मिलकर एक गैलेक्सी क्लस्टर बनाते हैं।
10. ज़रूरी गैलेक्सी क्लस्टर कौन से हैं?
A: ज़रूरी गैलेक्सी क्लस्टर हैं: द लोकल ग्रुप, वर्गो क्लस्टर, फॉरनेक्स क्लस्टर, हरक्यूलिस क्लस्टर, बुलेट क्लस्टर और कोमा क्लस्टर वगैरह।
11. गैलेक्सी का क्या मतलब है?
जवाब: गैलेक्सी एक खास कॉस्मिक स्ट्रक्चरल एलिमेंट है जो ग्रेविटी के असर में अनगिनत तारों, अनगिनत ग्रहों, उनके सैटेलाइट, इंटरस्टेलर धूल-गैस, डार्क मैटर वगैरह से बना होता है। कुछ गैलेक्सी के सेंटर में ब्लैक होल होते हैं।
12. यूनिवर्स में कितनी गैलेक्सी हैं?
जवाब: हमारे देखे जा सकने वाले यूनिवर्स में अब तक 2 ट्रिलियन से ज़्यादा गैलेक्सी मिली हैं।
13. नेबुला क्या है?
जवाब: नेबुला गैलेक्सी के अंदर एक खास स्ट्रक्चरल स्टेट है, जहाँ तारे खत्म होते हैं या बनते हैं। आम तौर पर, नेबुला इंटरस्टेलर धूल, गैस और कॉस्मिक मैटर से बना एक बड़ा बादल होता है। NASA के अनुसार – “नेबुला स्पेस में धूल और गैस का एक बड़ा बादल होता है। कुछ नेबुला (एक से ज़्यादा नेबुला) किसी मरते हुए तारे, जैसे सुपरनोवा के धमाके से निकली गैस और धूल से बनते हैं। दूसरे नेबुला वे इलाके होते हैं जहाँ नए तारे बनने लगते हैं।”
14. “नेबुला” शब्द का सीधा मतलब क्या है?
जवाब: नेबुला शब्द एक लैटिन शब्द है, जिसका मतलब है “धुंध, भाप, कोहरा, धुआं, सांस छोड़ना” वगैरह।
15. नेबुला के होने का आइडिया सबसे पहले किसने दिया था?
जवाब: फ़ारसी एस्ट्रोनॉमर अब्द अल-रहमान अल-सूफ़ी ने 0964 में एंड्रोमेडा गैलेक्सी को देखते हुए “एक छोटे से बादल” के होने का पता लगाया था। उन्होंने इस ऑब्ज़र्वेशन का ज़िक्र “बुक ऑफ़ फ़िक्स्ड स्टार्स” किताब में किया है और वहीं से इस कॉस्मिक एलिमेंट के होने का पहला आइडिया मिलता है।
16. साइंटिफिक आधार पर पहला नेबुला किसने खोजा था?
A. फ्रेंच एस्ट्रोनॉमर निकोलस-क्लाउड फैब्री डी पिएरेस्क ने 1610 में ‘ओरियन नेबुला’ नाम का पहला नेबुला खोजा था, जिसे 1618 में जोहान बैपटिस्ट सिसैट ने फिर से देखा था।
17. नेबुला के बारे में सबसे पहले डिटेल में किसने बताया था?
A. डच एस्ट्रोनॉमर क्रिस्टियान ह्यूजेंस ने 1659 में अपने काम “डी वी सेंट्रीफ्यूगा” में नेबुला के बारे में सबसे पहले डिटेल में बताया था, जो उनकी मौत के बाद 1703 में “कंसर्निंग द सेंट्रीफ्यूगल फोर्स” टाइटल से पब्लिश हुआ था।
18. स्पेस साइंटिस्ट के बीच नेबुला के और कौन से नाम पॉपुलर हैं?
A. नेबुला स्पेस साइंटिस्ट के बीच “नए सितारों की नर्सरी” के तौर पर पॉपुलर हैं।
19. नेबुला के मुख्य गैसीय हिस्से क्या हैं?
जवाब: नेबुला के मुख्य गैस वाले हिस्से हैं: हाइड्रोजन 90% और हीलियम 10% जिन्हें तारे का मुख्य हिस्सा भी माना जाता है।
20. एक नेबुला को कितने हिस्सों में बांटा जा सकता है?
जवाब: नेबुला को मुख्य रूप से दो ग्रुप में बांटा जा सकता है, यानी: A) गैलेक्टिक नेबुला और B) एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला।
21. एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला क्या है?
जवाब: एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला कई तारों से मिलकर बना एक बड़ा तारा समूह है। इसे ‘गैलेक्सी’ का पुराना नाम दिया गया है। इसके बारे में पूरी जानकारी मौजूद नहीं है।
22. एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला कितने तरह के होते हैं?
जवाब: एडविन हैवेल ने एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला या नॉन-गैलेक्टिक नेबुला को चार हिस्सों में बांटा है, यानी स्पाइरल, एलॉन्गेटेड, ग्लोबुलर और इर्रेगुलर वगैरह।
23. कितने एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला होते हैं?
जवाब: ई. पी. हबल की रिसर्च के अनुसार, अब तक लगभग 400 एक्स्ट्रागैलेक्टिक नेबुला पाए गए हैं।
24. गैलेक्टिक नेबुला क्या है?
जवाब: इस तरह का नेबुला एक खास गैलेक्सी के अंदर का नेबुला होता है।
25. गैलेक्टिक नेबुला कितने तरह के होते हैं?
जवाब: गैलेक्टिक नेबुला को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है, यानी: i) डिफ्यूज नेबुला और ii) प्लैनेटरी नेबुला ➣ Next Part
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